पिनराई विजयन ताजा खबर : केरल की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। 27 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास के बाहर Enforcement Directorate (ED) की टीम पर हमला हो गया। CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों की गाड़ी पर पत्थर और ईंट फेंककर उसके शीशे तोड़ दिए। यह घटना ED की छापेमारी के दौरान हुई, जिसने पूरे देश में सियासी बवाल मचा दिया है।
घटना क्या हुई?
बुधवार सुबह ED की टीम ने पिनराई विजयन के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। जब दोपहर बाद ED अधिकारी विजयन के आवास से बाहर निकल रहे थे, तभी CPI(M) कार्यकर्ता और समर्थक वहां जमा हो गए। कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों की गाड़ियों को घेर लिया, नारेबाजी की और गुस्से में पत्थर फेंक दिए। गाड़ी के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

सुखद बात यह रही कि इस हमले में कोई ED अधिकारी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और गाड़ी को सुरक्षित निकाल लिया।
- यह घटना केरल की सत्ताधारी LDF और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है।
- पिनराई विजयन लंबे समय से केंद्र सरकार और ED-CBI जैसी एजेंसियों पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते रहे हैं।
पिनराई विजयन ताजा खबर CPM का तीखा हमला
CPM ने इस ED कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। CPM ने भाजपा पर आरोप लगाया कि जो नेता संघ परिवार की विचारधारा के आगे नहीं झुकते, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
CPM सांसद जॉन ब्रिटास ने X (Twitter) पर लिखा:
“यह राजनीतिक प्रतिशोध की तानाशाही मानसिकता है। कॉमरेड पिनराई विजयन और CPM इन हथकंडों से नहीं डरेंगे। हम लोकतंत्र बचाने के लिए जनता के साथ लड़ेंगे।”
पार्टी ने कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने ED को पिनराई विजयन को निशाना बनाने के लिए उकसाया।
पिनराई विजयन कौन हैं?
- पिनराई विजयन केरल के लोकप्रिय कम्युनिस्ट नेता हैं। वे दो बार केरल के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
- उनकी सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और किसान कल्याण जैसे क्षेत्रों में कई योजनाएं चलाईं।
- हालांकि, उनके कार्यकाल में कई विवाद भी रहे, जिनमें सोने की तस्करी मामला
- LIFE मिशन घोटाला आदि शामिल हैं। ED इन मामलों की जांच कर रही है।
राजनीतिक प्रतिशोध या कानून का राज?
यह घटना केंद्र बनाम राज्य की लड़ाई का नया अध्याय है। विपक्षी दलों (विशेषकर INDIA गठबंधन) का आरोप है कि मोदी सरकार ED-CBI का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने के लिए कर रही है। वहीं BJP का तर्क है कि कोई भी भ्रष्टाचार से ऊपर नहीं है और जांच एजेंसियां अपना काम स्वतंत्र रूप से कर रही हैं।
ED की भूमिका पर बहस लगातार जारी है। पिछले कुछ वर्षों में कई विपक्षी नेताओं (अरविंद केजरीवाल, हेमंत सोरेन, आदि) पर ED की कार्रवाई हुई है, जिसे लेकर सवाल उठते रहे हैं।
केरल की सियासत पर असर
- यह घटना केरल विधानसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण है। CPM-LDF और कांग्रेस के
- बीच मुकाबला कड़ा है। BJP भी केरल में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
- ऐसे में ED की कार्रवाई और उसके बाद का हमला पूरे राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
- कानून व्यवस्था का सवाल भी उठता है। ED अधिकारियों पर हमला लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
- चाहे जांच कितनी भी जरूरी हो, हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
पिनराई विजयन के घर के बाहर ED गाड़ी पर हमला न सिर्फ एक स्थानीय घटना है, बल्कि यह बड़े सवालों को जन्म देता है — क्या केंद्रीय एजेंसियां वाकई स्वतंत्र हैं? राजनीतिक विरोध का सामना कैसे किया जाए? और लोकतंत्र में जांच एजेंसियों की भूमिका क्या होनी चाहिए?