तमिलनाडु राजनीतिक संकट : अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) विधानसभा चुनाव 2026 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत हासिल करने में अभी संघर्ष कर रही है। 9 मई 2026 तक राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर की ओर से विजय को सरकार बनाने का आधिकारिक न्योता नहीं दिया गया है।
#तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है।

वर्तमान स्थिति क्या है?
- TVK के पास: 108 सीटें
- कांग्रेस के समर्थन के साथ: +5 = 113
- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने भी बिना शर्त समर्थन का ऐलान किया है।
हालांकि राज्यपाल को अभी तक सभी दलों के आधिकारिक समर्थन पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। राज्यपाल ने विजय को साफ-साफ बता दिया है कि बहुमत का स्पष्ट प्रमाण जरूरी है।
शुक्रवार शाम को विजय ने राजभवन में राज्यपाल से तीसरी बार मुलाकात की, लेकिन नतीजा अभी तक शून्य रहा।
तमिलनाडु राजनीतिक संकट TVK समर्थकों का विरोध प्रदर्शन
- राज्यपाल द्वारा न्योता न दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को पूरे तमिलनाडु में TVK कार्यकर्ताओं
- और कांग्रेस समर्थकों ने भारी प्रदर्शन किया। समर्थकों का कहना है
- कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए
- और सदन में बहुमत साबित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
DMK और AIADMK के बीच गठबंधन की चर्चा
इस राजनीतिक घमासान के बीच एक चौंकाने वाली खबर भी सामने आ रही है। दशकों पुराने कट्टर विरोधी DMK और AIADMK के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसका मकसद विजय और TVK को सत्ता से दूर रखना हो सकता है। हालांकि दोनों दलों की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
TVK विधायकों में बेचैनी
- PTI की रिपोर्ट के अनुसार, TVK के नवनिर्वाचित विधायकों ने गुरुवार को पार्टी
- महासचिव बुसी एन. आनंद के साथ बैठक की। विधायकों ने सरकार गठन में हो रही देरी
- पर सवाल उठाए। पार्टी ने उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी और आश्वासन दिया कि विजय हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
तमिलनाडु में राजनीतिक इतिहास
- तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से DMK और AIADMK के बीच घूमती रही है।
- इस बार विजय के रूप में एक नया चेहरा उभरा है, जिसने युवाओं और फिल्म प्रेमियों को आकर्षित किया।
- TVK ने चुनाव प्रचार में भ्रष्टाचार, विकास और तमिल अस्मिता जैसे मुद्दों को उठाया।
- लेकिन बहुमत न होने के कारण सरकार गठन जटिल हो गया है। अगर TVK अतिरिक्त
- समर्थन हासिल नहीं कर पाई तो राज्यपाल अन्य विकल्पों (जैसे DMK-AIADMK गठबंधन) पर विचार कर सकते हैं।
आगे क्या हो सकता है?
- TVK और सहयोगी दल समर्थन पत्र जमा करने में कितना समय लगाएंगे?
- राज्यपाल कब तक इंतजार करेंगे?
- क्या DMK-AIADMK गठबंधन वाकई बनता है?
- अगर कोई पार्टी बहुमत साबित नहीं कर पाई तो क्या नए चुनाव की नौबत आएगी?
तमिलनाडु की राजनीति में इस समय ट्विस्ट पर ट्विस्ट आ रहे हैं। विजय के समर्थक दावा कर रहे हैं कि उन्हें सदन में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए।
तमिलनाडु में अभी सस्पेंस बरकरार है। विजय सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं, लेकिन गवर्नर आर.वी. अर्लेकर बहुमत का लिखित प्रमाण चाहते हैं। आने वाले कुछ दिनों में स्थिति साफ होने की उम्मीद है। चाहे जो भी सरकार बने, तमिलनाडु के विकास, युवा रोजगार और स्थिरता सबसे महत्वपूर्ण होंगे।