पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा : 17 अप्रैल 2026 को पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और भगवंत मान सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के लुधियाना स्थित आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन से जुड़े कथित अनियमितताओं के पुराने मामले में हुई है। AAP ने इसे भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा बताया है।
सुबह की इस छापेमारी में ED की टीम ने संजीव अरोड़ा के घर को पूरी तरह सील कर दिया। बाहर केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती की गई थी। किसी को अंदर जाने या बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। सूत्रों के अनुसार, उनके आवास के अलावा अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी गई। यह कार्रवाई हैम्पटन होम्स प्रोजेक्ट से जुड़ी जमीन की अनियमितताओं और विदेशी लेन-देन के मामलों से जुड़ी बताई जा रही है।

पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा कौन हैं?
संजीव अरोड़ा लुधियाना के जाने-माने उद्योगपति हैं। उनकी कंपनी रितेश इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से अमेरिका में एक्सपोर्ट बिजनेस करती है। 2018 में उन्होंने फैशन क्षेत्र में कदम रखा और फेमेला फैशन लिमिटेड की स्थापना की। राजनीति में प्रवेश 2022 में हुआ जब AAP ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया। वे 10 अप्रैल 2020 को राज्यसभा सांसद बने।
- फरवरी 2025 में उन्होंने लुधियाना वेस्ट सीट से उपचुनाव लड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार
- को 10,637 वोटों के अंतर से हराकर विधायक बने। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया
- और भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल हुए। वर्तमान में वे उद्योग
- निवेश, ऊर्जा (पावर) और स्थानीय प्रशासन विभाग संभाल रहे हैं।
- उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता है।
ED छापेमारी का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब संजीव अरोड़ा पर ED की नजर पड़ी हो। 7 अक्टूबर 2024 को जब वे राज्यसभा सांसद थे, तब भी उनके संस्थानों और घर पर ED ने छापा मारा था। उस समय फाइनेंसर हेमंत सूद के ठिकानों पर भी रेड हुई थी। दोनों ने मिलकर हैम्पटन होम्स प्रोजेक्ट विकसित किया था, जिसमें सरकारी जमीन पर कॉलोनी बनाने का आरोप लगा था, जबकि जमीन इंडस्ट्री के लिए दी गई थी।
हाल ही में AAP के राज्यसभा उपनेता अशोक मित्तल (LPU चांसलर) के 10 ठिकानों पर भी ED ने छापेमारी की थी। इन घटनाओं को देखते हुए AAP ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है।
AAP का पलटवार: “भाजपा की चुनावी तैयारी”
- AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि यह छापेमारी भाजपा की पंजाब चुनाव (2027) की तैयारी है।
- उन्होंने इसे “मोदी स्टाइल” बताया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी थी
- जब अशोक मित्तल के ठिकानों पर रेड हुई थी। AAP का कहना है कि केंद्र की एजेंसियां
- विपक्षी दलों को डराने और चुनावी मैदान में कमजोर करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।
विपक्षी दल कांग्रेस ने भी संजीव अरोड़ा पर सवाल उठाए हैं और उनके मंत्री पद से हटाए जाने की मांग की थी, लेकिन AAP सरकार ने उन्हें और मजबूत बनाया।
क्या कहते हैं सूत्र?
- ED की इस कार्रवाई में मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट (PMLA) के तहत जांच चल रही है।
- टीम दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य सबूत जुटा रही है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक
- गिरफ्तारी की खबर नहीं है। ED के पास पिछले मामलों से जुड़े सबूत हो सकते हैं
- लेकिन AAP इसे पूरी तरह राजनीतिक साजिश बता रही है।
पंजाब राजनीति पर असर
- यह घटना पंजाब की राजनीति को गर्म कर रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव
- से पहले AAP और भाजपा के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। AAP का दावा है
- कि लोग ऐसे कदमों से नहीं डरेंगे और पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ेगी।
- वहीं, विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता सकता है।
संजीव अरोड़ा जैसे उद्योगपति-राजनेता का मामला पंजाब में निवेश और विकास के एजेंडे को भी प्रभावित कर सकता है। भगवंत मान सरकार ने हाल के सालों में उद्योग और पावर सेक्टर में कई सुधार किए हैं, लेकिन ऐसे छापों से छवि पर असर पड़ सकता है।
ED द्वारा पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा के घर पर की गई छापेमारी ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है। AAP इसे भाजपा की चुनावी चाल मान रही है, जबकि जांच एजेंसी कानूनी प्रक्रिया बता रही है। फिलहाल जांच जारी है और आगे क्या होता है, यह देखना होगा। पंजाब की जनता इन घटनाओं पर नजर रखे हुए है और 2027 के चुनाव में इसका असर दिख सकता है।