सोने की कीमत : सोने का भाव इन दिनों निवेशकों और गहने खरीदने वालों के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। हाल ही में सोने ने रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, लेकिन अब विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमत 2027 के अंत तक 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ सकती है। कई फैक्टर जैसे रूस का डॉलर में वापस लौटना, ब्रिक्स की रणनीति में बदलाव और केंद्रीय बैंकों की सोना खरीदारी में रुकावट इस गिरावट का मुख्य कारण बन सकते हैं। अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर जरूर पढ़ें। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स, कारण, विशेषज्ञों की राय और निवेश सलाह।
वर्तमान सोने की कीमत – 16 फरवरी 2026 अपडेट
आज (16 फरवरी 2026) भारत में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। MCX और सर्राफा बाजार के अनुसार:
- 24 कैरेट सोना: लगभग ₹1,57,000 से ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम (शहर के अनुसार थोड़ा अंतर)
- 22 कैरेट सोना: ₹1,44,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹1,18,000 से ₹1,19,000 प्रति 10 ग्राम

जनवरी 2026 में सोना ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था, लेकिन अब यह 13-14% नीचे आ चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (कॉमेक्स) में भी सोना $5,000 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो रिकॉर्ड से 10% कम है। चांदी भी भारी गिरावट के साथ ₹2.5 लाख से ₹2.7 लाख प्रति किलो के बीच है।
सोने की कीमत क्यों गिर सकती है 1 लाख से नीचे?
विशेषज्ञों के अनुसार, 2027 तक भारत में सोने का भाव 90,000 से 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। मुख्य कारण:
- रूस का डॉलर में वापस लौटना: क्रेमलिन अमेरिका के साथ डॉलर-आधारित व्यापार (जीवाश्म ईंधन, गैस आदि) में साझेदारी तलाश रहा है। इससे ब्रिक्स का डी-डॉलरीकरण अभियान प्रभावित होगा, जो सोने की मांग बढ़ाने का बड़ा फैक्टर था।
- केंद्रीय बैंकों की सोना खरीदारी रुकना: 2020-2024 में ब्रिक्स देशों ने दुनिया का 50% से ज्यादा सोना खरीदा। अब रुकावट आने से बाजार में आपूर्ति बढ़ सकती है और कीमतें गिरेंगी।
- ब्रिक्स की दोहरी रणनीति में बदलाव: ब्रिक्स देश (भारत, चीन, रूस आदि) सोना उत्पादन बढ़ा रहे हैं लेकिन बिकवाली कम कर रहे थे। डॉलर की मजबूती से यह प्रभावित होगा।
- अन्य फैक्टर: मजबूत अमेरिकी डॉलर, फेड की ब्याज दरें, मुद्रास्फीति और सरकारी बांडों का सुरक्षित निवेश के रूप में उभरना (2008 क्राइसिस जैसा)। भू-राजनीतिक तनाव कम होने (रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति की संभावना) से भी सोना कम आकर्षक बनेगा।
- पेस 360 के मुख्य वैश्विक रणनीतिकार अमित गोयल का कहना है
- कि रूस का यह कदम ब्रिक्स पर बड़ा झटका है।
- कॉमेक्स गोल्ड $3,000 प्रति औंस तक गिर सकता है। एसईबीआई एक्सपर्ट अनुज गुप्ता भी मानते हैं
- कि केंद्रीय बैंकों की बिकवाली से तेज सुधार (गिरावट) आएगा।
गिरावट का पैटर्न – डेड-कैट बाउंस संभव
गिरावट एकदम नहीं आएगी। बीच-बीच में तेज उछाल (डेड-कैट बाउंस) देखने को मिलेंगे। लंबी अवधि में ट्रेंड नीचे का रहेगा।
खरीदने वालों के लिए सलाह – क्या करें?
- अगर आप शॉर्ट टर्म में खरीद रहे हैं, तो इंतजार करें। कीमतें और नीचे आ सकती हैं।
- लंबी अवधि के निवेशकों को 30-40 साल के सरकारी बांड पर विचार करें।
- आर्थिक मंदी में ये सोने से बेहतर सुरक्षित विकल्प साबित हो सकते हैं।
- सोना हमेशा जोखिम वाला निवेश है। अपनी फाइनेंशियल सलाहकार से बात करें और डिस्क्लेमर ध्यान रखें।
- शादी-त्योहार के लिए गहने खरीदने वाले मौजूदा गिरावट का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन बड़े निवेश से पहले ट्रेंड देखें।
सोने का भविष्य क्या?
2026 में सोने ने रिकॉर्ड बनाए, लेकिन 2027 तक गिरावट की संभावना मजबूत है। ब्रिक्स, डॉलर और वैश्विक अर्थव्यवस्था के बदलाव इसे प्रभावित करेंगे। निवेशक सतर्क रहें और फैसला सोच-समझकर लें। क्या सोना फिर से ऊपर जाएगा या नीचे आएगा? बाजार पर नजर रखिए!