लापरवाही बर्दाश्त नहीं : यह बड़ा बयान 4 फरवरी 2026 को लखनऊ के उदयगंज स्थित सिंचाई विभाग मुख्यालय में शारदा संगठन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान आया। मंत्री ने विभागीय प्रगति की गहन समीक्षा की और निर्माण कार्यों की पहले और बाद की स्थिति का तुलनात्मक मूल्यांकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित मानकों, गुणवत्ता और समयसीमा के अनुसार पूरी हों, ताकि योजनाओं का असली फायदा किसानों और आम जनता तक पहुंचे।
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के प्रमुख बयान और निर्देश
लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का जीरो टॉलरेंस रवैया एक बार फिर सामने आया है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है कि विभागीय कार्यों में लापरवाही, शिथिलता या अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी स्तर पर कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

लापरवाही पर सख्त ऐक्शन: “अगर विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कार्यों में कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
- उत्कृष्ट कार्य का सम्मान: अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों
- को सम्मानित किया जाएगा, जिससे विभाग में सकारात्मक
- उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति बनेगी।
भौतिक निरीक्षण: मंत्री खुद शीघ्र विभिन्न निर्माण कार्यों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण करेंगे ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके।
पारदर्शिता पर जोर: पूरी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। किसी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
सरकार की प्राथमिकता: सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा कर प्रदेश के किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना।
बैठक में कौन-कौन मौजूद थे?
- बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं
- विभागाध्यक्ष संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन अशोक कुमार सिंह,
- मुख्य अभियंता शारदा संगठन, मुख्य अभियंता शारदा सहायक, सिंचाई विभाग (यांत्रिक संगठन)
- के मुख्य अभियंता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और अधीक्षण अभियंता उपस्थित थे।
योगी सरकार का जीरो टॉलरेंस क्यों मजबूत?
योगी आदित्यनाथ सरकार लंबे समय से लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। सिंचाई विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में जहां किसानों की सिंचाई और जल संसाधन से जुड़ी योजनाएं चलती हैं, वहां समय पर काम न होने से फसलें प्रभावित होती हैं। मंत्री का यह निर्देश किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने और योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का संकेत है।
- पिछले कुछ महीनों में भी योगी सरकार ने कई विभागों में लापरवाही पर एक्शन लिया है
- जैसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देना या निलंबन।
- स्वतंत्र देव सिंह का यह बयान इसी कड़ी का हिस्सा है, जो दिखाता है कि सरकार विकास कार्यों में कोई समझौता नहीं करेगी।
किसानों और जनता के लिए क्या मतलब?
- उत्तर प्रदेश में सिंचाई परियोजनाएं किसानों की रीढ़ हैं। अगर ये समय पर और
- गुणवत्ता से पूरी होंगी तो फसल उत्पादन बढ़ेगा, आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
- मंत्री का खुद निरीक्षण करने का फैसला जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
- अधिकारियों को अब निष्ठा, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
- अच्छा प्रदर्शन करने वालों को इनाम मिलेगा, जबकि लापरवाही करने वालों को सजा।
- क्या यह चेतावनी विभाग में सकारात्मक बदलाव लाएगी? समय बताएगा, लेकिन योगी सरकार का संदेश साफ है
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