पाकिस्तान के खैबर : पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर आतंकवाद ने निर्दोष लोगों की खुशी को छीन लिया। 24 जनवरी 2026 को डेरा इस्माइल खान जिले में एक शादी समारोह के दौरान आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना क्षेत्र में बढ़ते आतंकवादी हमलों की नई मिसाल है, जहां खुशी के मौके भी सुरक्षित नहीं रहे।
हमले की पूरी घटना
हमला नूर आलम महसूद के घर पर हुआ, जो एक सरकारी समर्थक समुदाय नेता और पीस कमिटी (शांति समिति) के प्रमुख हैं। नूर आलम महसूद पहले तालिबान से जुड़े थे लेकिन अब सरकारी पक्ष में हैं। शादी के मेहमान नाच-गाना कर रहे थे, ढोल की थाप पर लोग झूम रहे थे। तभी एक आत्मघाती हमलावर ने मेहमानों के बीच घुसकर विस्फोटक से भरी जैकेट को डेटोनेट कर दिया।

- विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि घर की छत गिर गई।
- मलबे के नीचे कई लोग दब गए।
- पूरे इलाके में खून और मलबा बिखर गया।
- स्थानीय पुलिस प्रमुख अदनान खान ने पुष्टि की कि हमलावर मेहमानों में घुल-मिलकर आया था और अचानक खुद को उड़ा लिया।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और संभावित साथियों की तलाश शुरू कर दी।
मौतें और घायल: बढ़ती संख्या
- मृतक: 7 (कुछ रिपोर्ट्स में शुरुआत में 5 बताई गई, लेकिन बाद में 7 की पुष्टि हुई)।
- घायल: 25+ (कई की हालत नाजुक)।
- हमले का समय: शाम के आसपास, जब समारोह चरम पर था।
जिम्मेदारी किसकी? अभी तक कोई क्लेम नहीं
अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन क्षेत्र में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की सक्रियता लगातार बनी हुई है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में पिछले कुछ महीनों से आतंकी हमलों में तेजी आई है। TTP और अन्य उग्रवादी समूह सरकारी समर्थक पीस कमिटी के सदस्यों को निशाना बनाते रहे हैं।
- नूर आलम महसूद जैसे पूर्व तालिबान सदस्य जो अब सरकार के साथ हैं
- अक्सर ऐसे हमलों का शिकार होते हैं। पुलिस का मानना है कि यह टारगेटेड अटैक था
- जिसका मकसद शांति समिति को कमजोर करना था।
पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवादी हमले
यह घटना पाकिस्तान में आतंकवाद के पुनरुत्थान का संकेत है। 2025-26 में खैबर पख्तूनख्वा में दर्जनों हमले हो चुके हैं, जिसमें पुलिस, सेना और आम नागरिक मारे गए। TTP ने अफगानिस्तान से मजबूत होकर कई हमले किए हैं। शादी जैसे सामाजिक आयोजनों पर हमला आतंकवाद की क्रूरता को दर्शाता है, जहां निर्दोष लोग और बच्चे भी प्रभावित होते हैं।
डेरा इस्माइल खान में शादी समारोह पर हुआ यह आत्मघाती हमला एक बार फिर याद दिलाता है कि आतंकवाद किसी भी खुशी को बर्दाश्त नहीं करता। 7 निर्दोष लोगों की मौत और दर्जनों घायल – यह सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि परिवारों का टूटना है। पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे हमलों को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाने होंगे। उम्मीद है कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा और न्याय होगा।