दिल्ली घोषणा 2026 : भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत छाप छोड़ी है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईआईसीडीईएम-2026 (India International Conference on Democracy and Election Management) के समापन पर दिल्ली घोषणा 2026 (Delhi Declaration 2026) को सर्वसम्मति से अपनाया गया। इस घोषणा पर 40 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (Election Management Bodies – EMBs) ने सहमति जताई है। यह घोषणा मतदाता सूची की शुद्धता, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दिल्ली घोषणा 2026 क्या है?
#दिल्ली घोषणा 2026 एक संयुक्त प्रतिबद्धता पत्र है, जिसमें शामिल सभी देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों ने लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन से जुड़े पांच प्रमुख स्तंभों पर एक साथ काम करने का संकल्प लिया है। ये पांच स्तंभ हैं:

- मतदाता सूची की शुद्धता (Voter List Purification)
- चुनाव संचालन (Election Operations)
- अनुसंधान और प्रकाशन (Research and Publication)
- प्रौद्योगिकी का उपयोग (Use of Technology)
- प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण (Training and Capacity Building)
इस घोषणा के तहत सभी देशों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) जैसे मॉडल को अपनाने पर जोर दिया है, जो भारत में मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “कानून के अनुसार सभी मतदाताओं के नाम वाली शुद्ध मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की नींव है। उन्होंने जोर दिया कि हर मतदाता को फोटो पहचान पत्र (Photo Voter ID) प्रदान करना चाहिए ताकि चुनाव आसान, पारदर्शी और निष्पक्ष हो सकें।
सम्मेलन का आयोजन और भागीदारी
- यह सम्मेलन 21 से 23 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ।
- इसमें 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों/प्रतिनिधियों और 27 देशों के मिशन प्रमुखों ने भाग लिया।
- कुल मिलाकर लगभग 1,000 प्रतिनिधि शामिल हुए। यह भारत द्वारा आयोजित अब
- तक का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन था, जहां SIR मॉडल पर गहन चर्चा हुई।
सम्मेलन के अंतिम दिन सभी प्रतिभागियों ने दिल्ली घोषणा को अपनाया और 3, 4 तथा 5 दिसंबर 2026 को भारत में दोबारा मिलने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि “विभिन्न देशों के बीच सीखने की इच्छा और आपसी सम्मान वैश्विक चुनावी समुदाय की पेशेवर परिपक्वता को दर्शाता है।”
दिल्ली घोषणा के मुख्य उद्देश्य और लाभ
- शुद्ध मतदाता सूची बनाना: फर्जी या डुप्लिकेट नामों को हटाकर सटीक लिस्ट तैयार करना।
- फोटो पहचान पत्र को अनिवार्य बनाना: हर मतदाता को EPIC (Electors Photo Identity Card) उपलब्ध कराना।
- प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग: डिजिटल टूल्स, AI और डेटा एनालिटिक्स से चुनाव प्रक्रिया को मजबूत करना।
- वैश्विक सहयोग: देशों के बीच ज्ञान साझा करना, सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाना और क्षमता निर्माण।
- लोकतंत्र की मजबूती: पारदर्शी और विश्वसनीय चुनावों से लोकतंत्र को और मजबूत बनाना।
- भारत का SIR मॉडल अब वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है, जो दिखाता है
- कि भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि चुनाव प्रबंधन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
दिल्ली घोषणा 2026 एक ऐतिहासिक कदम है, जो भारत के निर्वाचन आयोग की दूरदर्शिता और नेतृत्व को रेखांकित करता है। 40 से अधिक देशों की इस सहमति से साफ है कि शुद्ध मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनाव अब वैश्विक प्राथमिकता बन गए हैं। आने वाले समय में यह घोषणा दुनिया भर के लोकतंत्रों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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