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इलेक्ट्रिक वाहन बाजार ईवी मार्केट 5 साल में 5 करोड़ नौकरियां देगा नितिन गडकरी का बड़ा दावा – 2030 तक 20 लाख करोड़ का बाजार!

On: January 23, 2026 10:23 AM
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इलेक्ट्रिक वाहन बाजार : भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में बड़ा ऐलान किया है कि अगले 5 सालों में ईवी सेक्टर देश में 5 करोड़ नई नौकरियां पैदा करेगा। साथ ही 2030 तक भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। यह दावा ईवी एक्सपो-2024 और विभिन्न कार्यक्रमों में उनके बयानों पर आधारित है, जहां उन्होंने हरित ऊर्जा, प्रदूषण नियंत्रण और आर्थिक विकास पर जोर दिया। आइए जानते हैं पूरी डिटेल गडकरी ने क्या कहा, लक्ष्य क्या हैं, चार्जिंग इंफ्रा, सब्सिडी और रोजगार के अवसर।

नितिन गडकरी का मुख्य बयान – EV सेक्टर का भविष्य

20 दिसंबर 2024 को कैटलिस्ट कॉन्फ्रेंस- ईवी एक्सपो-2024 को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा “2030 तक भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार 20 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। इस तेज विकास से पूरे इकोसिस्टम में 5 करोड़ नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने जोड़ा कि हर साल लगभग 1 करोड़ इलेक्ट्रिक वाहन की बिक्री संभव है।

इलेक्ट्रिक वाहन बाजार
इलेक्ट्रिक वाहन बाजार

वर्तमान में भारत में 57 लाख से ज्यादा ईवी रजिस्टर्ड हैं। 2024-25 में ईवी सेल्स में तेज ग्रोथ दिखी:

  • ईवी कार सेल्स: 20.8% बढ़ोतरी (पेट्रोल-डीजल सिर्फ 4.2%)
  • दोपहिया ईवी: 33% ग्रोथ
  • तिपहिया ईवी: 18% ग्रोथ

गडकरी ने कहा कि परिवहन क्षेत्र 40% वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। भारत हर साल 22 लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन आयात करता है, जो बड़ी आर्थिक चुनौती है। ईवी और हरित ऊर्जा से हम प्रदूषण कम करेंगे और विदेशी मुद्रा बचाएंगे।

ईवी सेक्टर में रोजगार के बड़े अवसर

5 करोड़ नौकरियां सिर्फ फैक्ट्री जॉब्स नहीं, बल्कि पूरे वैल्यू चेन में होंगी:

  • बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और रिसाइक्लिंग
  • चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस
  • ई-बस, ई-ट्रक, ई-एम्बुलेंस प्रोडक्शन
  • सॉफ्टवेयर, चार्जिंग ऐप्स और सर्विस सेंटर
  • सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप्स

गडकरी ने उद्यमियों से कहा: “ई-बसों की जरूरत 1 लाख है, लेकिन अभी सिर्फ 50 हजार हैं। गुणवत्ता बनाए रखते हुए फैक्ट्री विस्तार का समय है।” 400+ स्टार्टअप्स दोपहिया ईवी में काम कर रहे हैं, जो 21% बढ़े हैं।

सरकार की योजनाएं और चार्जिंग इंफ्रा

  • पीएम ई-ड्राइव योजना: मार्च 2026 तक 71 हजार चार्जर लगाने का लक्ष्य (22,100 चार्जर चार पहिया, 1,800 ई-बस, 48,400 दो-तीन पहिया के लिए)। 2,000 करोड़ रुपये आवंटित।
  • नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर फास्ट चार्जर फोकस।
  • भारी उद्योग मंत्रालय राज्यों के साथ मिलकर काम तेज कर रहा है।
  • निजी कंपनियां (ऑटोमोबाइल और पेट्रोलियम) भी चार्जिंग नेटवर्क बना रही हैं।
  • ई-ट्रक और ई-एम्बुलेंस के लिए 3,679 करोड़ रुपये प्रावधान, जल्द नोटिफिकेशन।

ऑटो इंडस्ट्री का विकास – 2014 से अब तक

2014 में जब गडकरी मंत्री बने, तब ऑटो इंडस्ट्री 7 लाख करोड़ की थी। आज 22 लाख करोड़ की हो गई है। भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है (अमेरिका 78 लाख करोड़, चीन 47 लाख करोड़)। हाल ही में जापान को पीछे छोड़ा। ईवी से भारत दुनिया का सबसे बड़ा ऑटो हब बन सकता है।

चुनौतियां और भविष्य!

  • बैटरी कॉस्ट और चार्जिंग इंफ्रा अभी चुनौती।
  • सब्सिडी और फाइनेंसिंग मजबूत करने की जरूरत।
  • लेकिन सौर ऊर्जा (44% बिजली) और हरित ऊर्जा से ईवी सस्ते होंगे।

नितिन गडकरी का विजन साफ है – ईवी से न सिर्फ पर्यावरण बचेगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा और भारत आत्मनिर्भर बनेगा। अगर आप ईवी सेक्टर में निवेश या जॉब की सोच रहे हैं, तो यह समय सुनहरा है!

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