कर्नाटक DGP के रामचंद्र : कर्नाटक पुलिस विभाग में एक बड़ा विवाद छिड़ गया है। राज्य के सीनियर IPS अधिकारी और सिविल राइट्स एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट के पुलिस महानिदेशक (DGP) डॉ. के. रामचंद्र राव को सोशल मीडिया पर वायरल हुए आपत्तिजनक वीडियो के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना 19 जनवरी 2026 को सामने आई, जब कई वीडियो क्लिप्स ऑनलाइन वायरल हो गए, जिनमें कथित तौर पर राव को अपने ऑफिस में महिलाओं के साथ अश्लील और अनुचित व्यवहार करते दिखाया गया। इस स्कैंडल ने कर्नाटक सरकार को शर्मसार कर दिया है और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुए वीडियो में DGP रामचंद्र राव को यूनिफॉर्म में अपने ऑफिशियल चैंबर के अंदर कई महिलाओं के साथ करीब से बातचीत करते, गले लगाते और कुछ क्लिप्स में आपत्तिजनक हरकतें करते दिखाया गया है। एक वीडियो में लिप लॉक और कुर्ता उठाने जैसी गतिविधियां क्लेम की जा रही हैं। ये क्लिप्स कथित तौर पर अलग-अलग समय पर रिकॉर्ड किए गए लगते हैं और इन्हें जोड़कर वायरल किया गया। वीडियो पुराना होने का भी दावा किया जा रहा है, संभवतः 8 साल पुराना, जब राव बेलगावी में तैनात थे।

सरकार ने इन वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर प्रथम दृष्टया संतुष्ट होकर निलंबन का आदेश जारी किया। सरकारी आदेश में स्पष्ट लिखा है कि राव ने “अश्लील तरीके से व्यवहार किया है, जो एक सरकारी कर्मचारी के लिए अशोभनीय है और सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण बना है।” निलंबन All India Service (Discipline & Appeal) Rules, 1969 के तहत लागू किया गया है और जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया!
- मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सुबह ही इसकी जानकारी मिलने पर नाराजगी जताई।
- उन्होंने कहा, “हम इसकी जांच कराएंगे। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है
- चाहे पुलिस अधिकारी कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो।” उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही
- और गृह विभाग से रिपोर्ट तलब की। यह बयान कर्नाटक पुलिस की छवि पर गहरा असर डाल रहा है।
DGP रामचंद्र राव का पक्ष
राव ने आरोपों से साफ इनकार किया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वीडियो “मनगढ़ंत, झूठे और पूरी तरह फर्जी” हैं। उन्होंने इसे AI-जनरेटेड या मैनिपुलेटेड बताया और कहा कि यह उनकी छवि खराब करने की साजिश है। राव ने आगे कहा, “मैं भी सोच रहा हूं कि यह कैसे और कब हुआ तथा इसे किसने अंजाम दिया।” उन्होंने वकील से सलाह लेने और गृह मंत्री जी. परमेश्वर को स्पष्टीकरण देने की बात कही। ध्यान देने वाली बात है कि वीडियो वायरल होने के बाद राव गृह मंत्री से मिलने पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
रामचंद्र राव कौन हैं?
डॉ. के. रामचंद्र राव 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं। वे वर्तमान में Directorate of Civil Rights Enforcement (DCRE) के DGP हैं। वे अभिनेत्री रान्या राव के सौतेले पिता हैं। रान्या राव मार्च 2025 में दुबई से 14.8 किलो सोना तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुई थीं। उस केस में राव पर भी आरोप लगे थे कि उन्होंने ऑफिशियल प्रोटोकॉल का दुरुपयोग किया। मार्च 2025 में उन्हें कंपल्सरी लीव पर भेजा गया था, लेकिन बाद में बहाल किया गया। जुलाई 2026 में उनकी रिटायरमेंट होने वाली है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
- यह स्कैंडल कर्नाटक पुलिस की साख पर सवाल उठा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इसे
- “शर्मनाक” बता रहे हैं। सरकार ने तुरंत एक्शन लेकर सख्त रवैया अपनाया है
- लेकिन जांच के नतीजे ही सच्चाई सामने लाएंगे। अगर वीडियो असली साबित हुए
- तो बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो सकता है।
यह घटना सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही और नैतिकता पर बहस छेड़ रही है। क्या कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर है? जांच पूरी होने पर ही साफ तस्वीर उभरेगी।