बीएमसी चुनाव परिणाम 2026 : मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 पूरे देश की नजरों में हैं। भारत की सबसे अमीर नगरपालिका होने के कारण इसका बजट 74,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है और यह राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। 15 जनवरी 2026 को 227 वार्डों में मतदान हुआ और 16 जनवरी को मतगणना शुरू हुई। पिछले कई सालों से शिवसेना का गढ़ रहा BMC अब विभाजित शिवसेना और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला देख रहा है।
2017 के मुकाबले बदलाव और बैकग्राउंड
2017 में अविभाजित शिवसेना ने 84 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। कांग्रेस 31, एनसीपी 9 और एमएनएस 7 सीटों पर रही थी। लेकिन 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद एकनाथ शिंदे गुट ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया, जबकि उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) बनाई। इस बार ठाकरे चचेरे भाई उद्धव और राज ठाकरे (एमएनएस) ने एकजुट होकर महायुति को चुनौती दी।

एग्जिट पोल की भविष्यवाणियां क्या कहती हैं?
मतदान खत्म होने के बाद सभी प्रमुख एग्जिट पोल ने बीजेपी-एकनाथ शिंदे शिवसेना (महायुति) गठबंधन को स्पष्ट बहुमत की भविष्यवाणी की है। यहां कुछ प्रमुख एग्जिट पोल के अनुमान हैं:
- Axis My India: महायुति को 131-151 सीटें (बहुमत के लिए 114 सीटें जरूरी)
- Democracy Times Network: 142 सीटें
- JVC Exit Poll: करीब 138 सीटें
- Sakal: 119 सीटें
- विपक्षी गठबंधन (शिवसेना यूबीटी + एमएनएस + एनसीपी एसपी) को 58-68 सीटें
- जबकि कांग्रेस को 12-16 सीटें मिलने का अनुमान है। ये सर्वे युवा वोटरों और सिविक इश्यूज
- जैसे ड्रेनेज, सैनिटेशन और पानी की कमी पर फोकस दिखाते हैं।
- ये एग्जिट पोल बताते हैं कि मुंबई के वोटरों ने विकास और स्थिर शासन को प्राथमिकता दी है।
- 2017 के बाद पहली बार होने वाले इन चुनावों में वोटर टर्नआउट करीब 50-53% रहा
- जो 2017 के 55.53% से थोड़ा कम है लेकिन सिविक चुनावों के लिहाज से ठीक माना जा रहा है।
प्रमुख नेता और उनकी प्रतिक्रियाएं!
- देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री) और एकनाथ शिंदे (उप-मुख्यमंत्री) ने विकास कार्यों पर जोर देते हुए जीत का दावा किया।
- उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाया
- जैसे वोटर लिस्ट और इंक का मुद्दा, लेकिन एग्जिट पोल में उनकी स्थिति कमजोर दिख रही है।
- मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और 23 काउंटिंग सेंटर्स पर प्रक्रिया बैच में हो रही है
- जिससे नतीजे थोड़े देर से आ सकते हैं।
मुंबई के लिए क्या मायने रखता है यह चुनाव?
BMC चुनाव सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य का फैसला है। सड़कें, बाढ़ नियंत्रण, पानी की आपूर्ति, सफाई और मराठी अस्मिता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। अगर महायुति बहुमत हासिल करती है तो बीजेपी-शिंदे गुट का नियंत्रण मजबूत होगा और मुंबई में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स तेज हो सकते हैं। वहीं, ठाकरे परिवार के लिए यह प्रतिष्ठा की लड़ाई है।
यह चुनाव महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से सबसे बड़ा है और पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगा। जैसे-जैसे नतीजे आते जाएंगे, मुंबई का नया मेयर और नई टीम तय होगी।