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लोहड़ी 2026 सिकर राजस्थान में पंजाबी समुदाय आज बड़े उत्साह से मना रहा है लोहड़ी पर्व, अरदास और पारंपरिक प्रसाद का विशेष आयोजन!

On: January 13, 2026 8:03 AM
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लोहड़ी 2026 सिकर राजस्थान : लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख फसल उत्सव (Harvest Festival) है, जो मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मनाया जाता है। लेकिन राजस्थान के सिकर शहर में भी पंजाबी समुदाय इस त्योहार को पूरे जोश और परंपरा के साथ मनाता है। 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) को आज सिकर के पंजाबी समाज ने लोहड़ी का उत्सव शुरू कर दिया है। यह आयोजन पिछले 5 सालों से लगातार हो रहा है और इसमें 150 से ज्यादा परिवार शामिल हो रहे हैं।

सिकर में लोहड़ी उत्सव का खास स्थान

सिकर में पंजाबी समुदाय का यह भव्य कार्यक्रम पोलो ग्राउंड के पास गुरुद्वारे के निकट आयोजित किया जा रहा है। यहां शाम को अलाव (बोनफायर) जलाया जाता है, जिसमें लोग तिल, मूंगफली, रेवड़ी, गजक और पॉपकॉर्न डालकर प्रसाद चढ़ाते हैं। त्योहार की शुरुआत अरदास (प्रार्थना) से होती है, जो सिख परंपरा के अनुसार समृद्धि, खुशहाली और फसल की अच्छी पैदावार के लिए की जाती है।

लोहड़ी 2026 सिकर राजस्थान
लोहड़ी 2026 सिकर राजस्थान

इस उत्सव में शहर में कोचिंग या पढ़ाई के लिए आए बाहर के छात्र भी अपने परिवार के साथ शामिल होते हैं। नए-नवेली जोड़ियां और पहली लोहड़ी मना रही बहुएं विशेष रूप से उत्साहित रहती हैं, क्योंकि लोहड़ी नवविवाहिताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।

आयोजन समिति और अपील

  • गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी के सदस्यों – केके तनेजा, सुरेंद्र ट्रेहन, हरिश कलरा, दीपक अरोड़ा और
  • दिलीप अरोड़ा ने सभी संगीत समुदाय से समय पर पहुंचने, उत्सव में भाग लेने और खुशियां
  • बांटने की अपील की है। उनका कहना है कि यह कार्यक्रम सिर्फ धार्मिक नहीं
  • बल्कि सामुदायिक एकता और खुशी का प्रतीक है।

लोहड़ी के बाद प्रसाद वितरण

  • मुख्य कार्यक्रम के बाद मंगलवार को पौष बड़े (एक मीठी डिश), मूंगफली, रेवड़ी और पॉपकॉर्न जैसे
  • पारंपरिक प्रसाद का वितरण किया जाएगा। ये सभी चीजें ठंड में शरीर को गर्माहट और ऊर्जा
  • प्रदान करती हैं। लोग गीत गाते हैं, ढोल की थाप पर नाचते हैं और परिवार के साथ यादगार पल बिताते हैं।

लोहड़ी का महत्व और परंपरा

#लोहड़ी सूर्य के उत्तरायण होने की शुरुआत का प्रतीक है। यह रबी फसल की पहली कटाई का जश्न है और सर्दियों के अंत का संकेत देता है। पंजाबी संस्कृति में यह त्योहार सुख, समृद्धि और परिवारिक एकता का प्रतीक माना जाता है। सिकर जैसे राजस्थानी शहर में भी पंजाबी समुदाय अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है और इस त्योहार को उतनी ही धूमधाम से मनाता है जितना पंजाब में।

लोहड़ी में शामिल होने वाले प्रमुख व्यंजन और रस्में!

  • तिल, रेवड़ी, गजक – अलाव में डालकर चढ़ाए जाते हैं
  • मक्की दी रोटी और सरसों का साग – ठंड में सबसे पसंदीदा
  • पौष बड़े – मीठा और पौष्टिक प्रसाद
  • भांगड़ा-गिद्दा – उत्साह बढ़ाने के लिए नृत्य

#लोहड़ी 2026 आज सिकर राजस्थान में पंजाबी समुदाय के लिए एक बड़ा उत्सव बन चुका है। यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक भावना का जश्न है। अगर आप सिकर में हैं या आसपास, तो इस आयोजन में शामिल होकर खुशियां बांटें। अलाव की गर्माहट, प्रसाद की मिठास और परिवार की मुस्कान के साथ लोहड़ी को यादगार बनाएं।

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