SEPC शेयर न्यूज : इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी SEPC लिमिटेड ने बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी ने मध्य प्रदेश के शाहडोल जिले में स्थित रामपुर बतुरा ओपनकास्ट कोल माइन प्रोजेक्ट के लिए JARPL-AT कंसोर्टियम के साथ पार्टनरशिप की घोषणा की है। यह प्रोजेक्ट साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा अवार्ड किया गया है। इस खबर के बाद 15 दिसंबर 2025 को SEPC के शेयर में करीब 13% की तेजी देखी गई।
प्रोजेक्ट के मुख्य डिटेल्स
- प्रोजेक्ट नाम: रामपुर बतुरा ओपनकास्ट कोल माइन प्रोजेक्ट
- लोकेशन: सोहागपुर एरिया, शाहडोल जिला, मध्य प्रदेश
- कुल वैल्यू: लगभग 3,299.51 करोड़ रुपये (विभिन्न कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत, टैक्स सहित)
- अवधि: करीब 10 वर्ष (3,625 दिनों में पूरा होने की उम्मीद)
- स्कोप ऑफ वर्क:

- मटेरियल्स की सप्लाई
- मशीनरी और मैनपावर की सप्लाई एवं डिप्लॉयमेंट
- प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और कंसल्टेंसी सर्विसेज
- अन्य संबंधित सर्विसेज
यह प्रोजेक्ट एसेट-लाइट और कैपिटल-एफिशिएंट स्ट्रक्चर पर आधारित है, जिससे SEPC को बिना भारी निवेश के बड़े प्रोजेक्ट में भागीदारी मिल रही है। कंपनी की भूमिका पूरे प्रोजेक्ट लाइफसाइकल में एग्जीक्यूशन सपोर्ट करने की है।
पार्टनर्स और कंसोर्टियम
JARPL-AT कंसोर्टियम में शामिल हैं:
- जय अंबे रोडलाइंस प्राइवेट लिमिटेड (JARPL)
- अविनाश ट्रांसपोर्ट (AT)
SEPC ने 14 दिसंबर 2025 को इनके साथ मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया है। प्रोजेक्ट में कोयला और मिट्टी की खुदाई, लोडिंग, ट्रांसपोर्टेशन और सरफेस माइनिंग एक्टिविटीज शामिल हैं।
#SEPC कंपनी के बारे में
SEPC लिमिटेड (पूर्व में श्रेयांस शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स) भारत की प्रमुख EPC कंपनियों में से एक है। कंपनी का पोर्टफोलियो वाटर एंड म्यूनिसिपल सर्विसेज, रोड्स, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग सेक्टर में फैला हुआ है। हाल के वर्षों में कंपनी ने टर्नअराउंड दिखाया है और ऑर्डर बुक को मजबूत किया है। यह पार्टनरशिप कंपनी के माइनिंग पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी।
- कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर वेंकटरमणी जयगणेश ने कहा, “यह पार्टनरशिप लंबी अवधि के प्रोजेक्ट्स
- पर हमारे फोकस से मेल खाती है, जो स्केल, रेवेन्यू विजिबिलिटी और एग्जीक्यूशन सर्टेन्टी प्रदान करते हैं।
- यह स्ट्रक्चर्ड एंगेजमेंट हमें अपनी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी
- का उपयोग करते हुए कुशलता से भाग लेने की अनुमति देता है।”
शेयर मार्केट पर प्रभाव
इस घोषणा के बाद 15 दिसंबर 2025 को SEPC शेयर NSE पर 13% तक उछलकर 10.38 रुपये तक पहुंच गए। कंपनी की मार्केट कैप करीब 2,000 करोड़ रुपये है, जबकि प्रोजेक्ट वैल्यू इससे ज्यादा है, जो निवेशकों के लिए पॉजिटिव सिग्नल है। लंबी अवधि और क्लियर स्कोप के कारण यह प्रोजेक्ट कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ाएगा और ऑर्डर बुक में स्थिरता लाएगा।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
भारत में कोयला उत्पादन और एनर्जी सेक्टर की ग्रोथ को देखते हुए यह प्रोजेक्ट SEPC के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। माइनिंग सेक्टर में बढ़ती डिमांड, सरकारी इनिशिएटिव्स और SEPC की डाइवर्सिफाइड प्रेजेंस निवेशकों को आकर्षित कर रही है। हालांकि, माइनिंग प्रोजेक्ट्स में रिस्क जैसे रेगुलेटरी चेंजेस, एनवायरनमेंटल इश्यूज और कमोडिटी प्राइस वोलेटिलिटी को ध्यान में रखें।
लॉन्ग-टर्म निवेशक इस स्टॉक पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि कंपनी का ऑर्डर बुक मजबूत हो रहा है। हाल ही में कंपनी ने हिंदुस्तान कॉपर से भी 72.5 करोड़ का प्रोजेक्ट सेटलमेंट किया है।