IndiGo FDTL संकट : 8 दिसंबर 2025 को एविएशन सेक्टर में हड़कंप मच गया है। IndiGo की लगातार उड़ान रद्द होने से नाराज सरकार अब कंपनी के बोर्ड को रीकंस्टीट्यूट करने की मांग कर सकती है। FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों के नए फेज से ट्रिगर हुए इस संकट ने 3,200 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंस गए। DGCA ने शो-कॉज नोटिस जारी किया है, जबकि सरकार किराया कैप और बैगेज डिलीवरी पर सख्ती बरत रही है। अगर आप IndiGo FDTL Fallout, Board Reconstitution News या Aviation Sector Update 2025 की डिटेल्स ढूंढ रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए है। आइए, पूरी स्टोरी, कारण, असर और एक्सपर्ट ओपिनियन पर डिटेल में नजर डालें!
IndiGo का FDTL संकट: क्या है असली वजह?
FDTL यानी Flight Duty Time Limitations – ये पायलटों की ड्यूटी, रेस्ट और फटिग मैनेजमेंट के स्ट्रिक्ट पैरामीटर्स हैं। DGCA के दूसरे फेज के रिवाइज्ड FDTL नियमों ने एयरलाइंस को रोस्टर रीकैलिब्रेट करने पर मजबूर कर दिया। IndiGo ने नेटवर्क एडजस्टमेंट्स के नाम पर शॉर्ट नोटिस पर शेड्यूल प्रून किया, जिससे पिछले हफ्ते 3,200+ उड़ानें रद्द हो गईं। पीक सीजन (विंटर ट्रैवल) में ये डिसरप्शन ने सोशल मीडिया पर बैकलैश क्रिएट किया – #IndiGoCrisis ट्रेंड कर रहा है।

कंपनी ने माफी मांगी और कहा कि ये कंप्लायंस के लिए जरूरी था। उन्होंने अतिरिक्त बफर कैपेसिटी, लीज एग्रीमेंट्स और स्टेबलाइज्ड रोस्टिंग का वादा किया। लेकिन रेगुलेटर्स नाखुश हैं। CEO Pieter Elbers को DGCA ने प्रिपेयर्डनेस, कंटिंजेंसी प्लानिंग और पैसेंजर हैंडलिंग पर जवाब मांगा। ये पहला बड़ा सिस्टम-वाइड स्ट्रेस है पोस्ट-राकेश गंगवाल एरा में, जिन्होंने फरवरी 2022 में बोर्ड छोड़ा और सितंबर 2025 तक स्टेक 36% से घटाकर 5.86% कर दिया।
सरकार का रिस्पॉन्स: बोर्ड रीकंस्टीट्यूशन की मांग क्यों?
सरकार अब IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation Ltd के बोर्ड को रीकंस्टीट्यूट करने पर विचार कर रही है। फोकस: बोर्ड में एविएशन इंडस्ट्री के डीप टेक्निकल एक्सपर्ट्स को शामिल करना, ताकि ऑपरेशनल रिस्क्स (नेटवर्क डिजाइन, क्रू यूटिलाइजेशन, रोस्टिंग, ग्राउंड टाइम, रेगुलेटरी एक्सपोजर) पर बेहतर विजिबिलिटी हो। ये इंटरवेंशन टेम्पररी पॉलिसी रिलीफ से आगे है।
DGCA ने शो-कॉज नोटिस के अलावा, सरकार ने किराया कैप लगाया और 48 घंटे में बैगेज डिलीवर करने का अल्टीमेटम दिया। प्रभावित यात्रियों को ₹610 करोड़ रिफंड दिए गए। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि IndiGo के 65% मार्केट शेयर को देखते हुए, बोर्ड में एविएशन एक्सपीरियंस की कमी गैप है। वर्तमान बोर्ड में चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता (फॉर्मर शेल इंडिया चेयरमैन), MD राहुल भाटिया, रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ, पूर्व NITI आयोग CEO अमिताभ कांत, वकील पल्लवी श्रॉफ, पूर्व SEBI चेयर मणिप Damodaran और इंटरग्लोब इनसाइडर अनिल पराशर शामिल हैं। एविएशन बैकग्राउंड वाले माइकल व्हिटेकर (फॉर्मर US FAA एडमिनिस्ट्रेटर) और ग्रेग सारेटस्की (फॉर्मर WestJet CEO) हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स ज्यादा डोमेन अथॉरिटी चाहते हैं।
ऑपरेशंस और पैसेंजर्स पर असर: 3,200 उड़ानें रद्द, रेपुटेशन को झटका
- IndiGo की ऑपरेशंस बुरी तरह प्रभावित हुईं। शेड्यूल प्रूनिंग से लीज एग्रीमेंट्स पर निर्भरता बढ़ी।
- पैसेंजर्स को लास्ट-मिनट कैंसिलेशन, मिस्ड कनेक्शन और खराब कम्युनिकेशन का सामना करना पड़ा।
- पीक डिमांड में ये ने सोशल मीडिया और ट्रैवल फोरम्स पर शिकायतों की बाढ़ ला दी।
- कंपनी की कंसिस्टेंसी और हाई यूटिलाइजेशन की इमेज को डैमेज पहुंचा। एक अज्ञात व्हिसलब्लोअर
- ने CEO Pieter Elbers और ‘टॉक्सिक कल्चर’ पर ओपन लेटर लिखा।
शेयर प्राइस 4% क्रैश हो गया। गंगवाल एरा में ऑपरेशनल माइक्रोमैनेजमेंट ने ऐसे शॉक्स को अब्जॉर्ब किया था, लेकिन प्रोफेशनल मैनेजमेंट मॉडल में ये गैप दिखा।
एक्सपर्ट ओपिनियन: एविएशन सेक्टर पर क्या इम्प्लिकेशन्स?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और गवर्नमेंट ऑफिशियल्स बोर्ड में एविएशन एक्सपर्ट्स की कमी को गैप मानते हैं। डोमिनेंट कैरियर्स में गवर्नेंस वल्नरेबिलिटीज हाइलाइट हुईं। ये रेगुलेटरी स्क्रूटनी को बढ़ावा देगा, जहां सभी एयरलाइंस के बोर्ड कंपोजिशन पर रिव्यू हो सकता है। FDTL नॉर्म्स का ब्रॉडर इम्पैक्ट: हाई-मार्केट शेयर एयरलाइंस पर ज्यादा, जहां क्रू रोस्टिंग और कंटिंजेंसी प्लानिंग की जरूरत। पीक ट्रैवल के दौरान ऐसे डिसरप्शंस से इंडस्ट्री-वाइड रिव्यू हो सकता है।
IndiGo के लिए टर्निंग पॉइंट?
- FDTL फॉलआउट IndiGo के लिए बड़ा सबक है। बोर्ड रीकंस्टीट्यूशन से अगर एविएशन एक्सपर्ट्स आएं
- तो ऑपरेशनल स्ट्रेंथ बढ़ेगी। लेकिन 65% मार्केट शेयर वाली कंपनी पर प्रेशर बढ़ेगा। सरकार
- का इंटरवेंशन एविएशन सेक्टर को स्ट्रॉन्गर बना सकता है, लेकिन पैसेंजर्स की सुविधा पहले
- प्रायोरिटी होनी चाहिए। क्या ये संकट IndiGo को रिफॉर्म करेगा?